सामग्री पर जाएँ
पवित्र बाइबल
HI
इस परियोजना का साथ दें
फ़ोटो: सोराक्सान · दक्षिण कोरिया

भजन संहिता 148

सोराक्सान · दक्षिण कोरिया · फ़ोटो: kallerna · CC BY-SA 4.0

1यहोवा की स्तुति करो! यहोवा की स्तुति स्वर्ग में से करो, उसकी स्तुति ऊँचे स्थानों में करो!

2हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो: हे उसकी सब सेना उसकी स्तुति करो!

3हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो!

4हे सबसे ऊँचे आकाश और हे आकाश के ऊपरवाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो।

5वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसने आज्ञा दी और ये सिरजे गए।

6और उसने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।

7पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे समुद्री अजगरों और गहरे सागर,

8हे अग्नि और ओलों, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड वायु!

9हे पहाड़ों और सब टीलों, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों!

10हे वन-पशुओं और सब घरेलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों!

11हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य-राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों!

12हे जवानों और कुमारियों, हे पुरनियों और बालकों!

13यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है।

14और उसने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊँचा किया है; यह उसके सब भक्तों के लिये अर्थात् इस्राएलियों के लिये और उसके समीप रहनेवाली प्रजा के लिये स्तुति करने का विषय है। यहोवा की स्तुति करो!

    संदर्भ: OpenBible.info (CC BY 4.0)।